मुरादाबाद।
काशीराम नगर, सोनकपुर ओवरब्रिज के पास श्री राम कथा आयोजन सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित 9 दिवसीय भव्य श्री राम कथा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रतिदिन अपराह्न 3:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक आचार्य अमित शर्मा (शास्त्री) के श्रीमुख से कथा का रसपान कराया जा रहा है।
वन गमन और केवट संवाद का भावपूर्ण वर्णन

कथा के षष्ठम दिवस पर भगवान श्री राम के वन गमन और राम–केवट संवाद प्रसंग का अत्यंत भावुक वर्णन किया गया। आचार्य अमित शास्त्री ने बताया कि मंथरा के उकसावे पर कैकेयी द्वारा मांगे गए दो वरदानों के कारण श्री राम को 14 वर्षों का वनवास मिला। पिता की आज्ञा और वचन की मर्यादा का पालन करते हुए प्रभु श्री राम ने सहर्ष वन जाने का निर्णय लिया।
अयोध्या में छाया करुण माहौल
श्री राम के वन प्रस्थान के समय पूरी अयोध्या शोक में डूब गई। प्रजा उनके पीछे चल पड़ी। मंत्री सुमंत को रात्रि में जगाकर प्रभु राम प्रजा को अयोध्या में ही छोड़ वन की ओर प्रस्थान कर गए। गंगा तट पर निषादराज से भेंट और केवट द्वारा चरण प्रक्षालन का प्रसंग श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया।
अतिथियों का सम्मान, प्रसाद वितरण
षष्ठम दिवस की कथा में मुख्य अतिथि डॉ. विशेष कुमार गुप्ता (पूर्व अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग उत्तर प्रदेश) रहे। संरक्षक धवल दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथियों में अनिल कुमार शर्मा और गोपाल हरि शर्मा उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को पटका व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा, संस्थापक विपिन कुमार दुबे, महासचिव वृजेंद्र राज सिंह, कोषाध्यक्ष छत्रपाल शर्मा, उपाध्यक्ष सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
