अमेरिका ने उतारा जंगी जहाज, क्या डर से ईरान ट्रंप से करना चाहता है डील?
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिका ने ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करते हुए विशाल नौसैनिक बेड़ा तैनात कर दिया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिकी सैन्य दबाव के चलते तेहरान बातचीत की राह तलाश रहा है?
ईरान पर हमले का विकल्प अभी खुला

व्हाइट हाउस के अनुसार, ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और हजारों मौतों के बाद भी हालात अस्थिर बने हुए हैं। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने संभावित हमले की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया था। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने कई उच्चस्तरीय बैठकों में विभिन्न सैन्य विकल्पों पर विचार किया है, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी विमानवाहक पोत
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप पश्चिम एशिया पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमान के मुताबिक, यह तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। यह कदम ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद उठाया गया है।
ट्रंप का दावा—ईरान चाहता है बातचीत
राष्ट्रपति ट्रंप ने Axios को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के पास ईरान के पड़ोस में एक विशाल नौसैनिक बेड़ा मौजूद है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए उत्सुक है। ट्रंप के अनुसार, “वे समझौता करना चाहते हैं, उन्होंने कई बार फोन किया है।”
हजारों मौतों का दावा
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की एक एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान में सुरक्षा बलों द्वारा दबाए गए प्रदर्शनों में करीब 6,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान अपनी क्षमताओं पर पूरी तरह आश्वस्त है।
