नोएडा/ग्रेटर नोएडा।
सेक्टर-150 में नोएडा अथॉरिटी की घोर लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। घने कोहरे (Fog) और जीरो विजिबिलिटी के बीच एक कार सड़क से फिसलकर तालाबनुमा पानी भरे गड्ढे में जा गिरी। आरोप है कि हादसे वाली जगह पर न तो बाउंड्री वॉल थी और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत, जिसकी वजह से चालक को खतरे का अंदाजा तक नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद युवक कई घंटों तक कार के अंदर फंसा रहा। मदद के लिए चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं पहुंची। देर से रेस्क्यू होने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
❗ Public View: लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
तालाब/नाले के पास कोई सुरक्षा घेरा नहीं था
सड़क किनारे रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट की कमी
घने कोहरे के बावजूद कोई अलर्ट सिस्टम नहीं
पहले भी यहां हादसों की आशंका जताई जा चुकी थी
लोगों ने सीधे तौर पर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है और सवाल उठाया है—“अगर बाउंड्री और संकेत होते, तो क्या एक जान बच सकती थी?”
🚨 Govt View: हादसे की आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, यह हादसा नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-150 के पास हुआ।
जानकारी मिलते ही पुलिस और NDRF टीम मौके पर पहुंची। तलाशी अभियान चलाकर कार को बाहर निकाला गया और चालक को कार से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कार एक टूटी हुई नाले की बाउंड्री के पास खाली जगह में भरे पानी में गिरी थी।
⚖️ बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है।
अब सवाल यह है कि:
सुरक्षा इंतजामों की जिम्मेदारी किसकी थी?
क्या लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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सेक्टर-150 नोएडा हादसा: फॉग और अथॉरिटी की लापरवाही ने ली युवक की जान
Noida Accident News: न बाउंड्री, न रिफ्लेक्टर—तालाब में गिरी कार, चालक की मौत
घंटों मदद के लिए चीखता रहा युवक, देर से पहुंची NDRF, चली गई जान
Sector 150 Tragedy: नोएडा अथॉरिटी की चूक या सिस्टम फेल? युवक की मौत पर सवाल
Fog Accident in Noida: जीरो विजिबिलिटी में जानलेवा साबित हुई लापरवाही
