वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,02,327 वादों का निस्तारण
मुरादाबाद न्यायालय में लोक अदालत से आमजन को मिला त्वरित न्याय
मुरादाबाद।
कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद के तत्वावधान में 13 दिसंबर 2025 को जनपद न्यायालय परिसर में वर्ष 2025 की चतुर्थ एवं अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश सै. माऊज़ बिन आसिम द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनीत चन्द्रा, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी संजय कुमार, लारा जैगम उद्दीन, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत निरंजन कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी, अन्य न्यायिक अधिकारीगण, बैंक पदाधिकारी एवं बार संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत न्याय को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्य

जनपद न्यायाधीश सै. माऊज़ बिन आसिम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मंच आम नागरिकों को सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराता है। लोक अदालत के माध्यम से बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के मामलों का निस्तारण होने से लोगों का समय और धन दोनों की बचत होती है।
न्यायालय परिसर में उमड़ी वादकारियों की भीड़

शनिवार सुबह से ही जिला न्यायालय परिसर में वादकारियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। विशेष रूप से बैंक ऋण विवाद, यातायात चालान, बिजली बिल बकाया और मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होते हैं, जिनके विरुद्ध अपील का कोई प्रावधान नहीं है।
21,727 शमन योग्य वादों का निस्तार
अपर जिला जज/सचिव मोहम्मद फिरोज ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 21,727 शमन योग्य वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान आरोपितों पर 7 लाख 86 हजार 910 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वैवाहिक, उत्तराधिकार और दुर्घटना मामलों में राहत

- वैवाहिक व भरण-पोषण से जुड़े 54 मामलों का निस्तारण परिवार न्यायालय एवं अपर परिवार न्यायालय द्वारा आपसी सुलह से कराया गया।
- उत्तराधिकार के 05 मामलों का निस्तारण कर 50 लाख 31 हजार 963 रुपये के प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
- मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित 101 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों एवं उनके परिजनों को 9 करोड़ 27 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि प्रदान करने के आदेश दिए गए।
बैंक ऋण मामलों में 2.49 करोड़ की वसूली

विभिन्न बैंकों के 1,235 ऋण विवाद मामलों का निस्तारण कर 2 करोड़ 49 लाख 40 हजार 098 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम सहित लघु प्रकृति के मामलों का भी समाधान किया गया।
लोक अदालत से बढ़ा न्याय प्रणाली पर विश्वास
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन से आमजन में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए गए इस प्रयास को न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने सराहा।