गद्दी विवाद: काली मंदिर में नए महंत नियुक्त, हटाए गए महंतों को प्रयागराज भेजा
मुरादाबाद में जूना अखाड़े का बड़ा फैसला
मुरादाबाद के लालबाग स्थित काली माता मंदिर और प्राचीन सिद्ध पीठ नौ देवी काली माता मंदिर में लंबे समय से चल रहे गद्दी विवाद के बाद जूना अखाड़े ने बड़ा फैसला लिया। अखाड़े की ओर से दोनों मंदिरों में नए महंत नियुक्त किए गए हैं। महाकाल गिरि को लालबाग काली माता मंदिर का महंत बनाया गया है, जबकि हितेश्वर गिरि को प्राचीन सिद्ध पीठ का महंत नियुक्त किया गया। साथ ही वशिष्ठ गिरि और इच्छा गिरि को मुख्य पुजारी की जिम्मेदारी दी गई है।

हटाए गए महंतों का प्रयागराज स्थानांतरण
अखाड़े के फैसले के तहत पूर्व महंत सज्जन गिरि और राम गिरि को उनके पद से हटाते हुए प्रयागराज भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार सज्जन गिरि को दशाश्वमेध घाट स्थित अखाड़ा भेजा गया, जबकि राम गिरि को दत्त मंदिर में स्थानांतरित किया गया है।
सुरक्षा के बीच हुई नियुक्ति

महंतों की नियुक्ति के दौरान किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए मंदिर परिसर और लालबाग क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मुगलपुरा, नागफनी, कोतवाली और गलशहीद थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए रहे।
नोटिस के बाद की गई कार्रवाई
जूना अखाड़े के पदाधिकारियों के अनुसार पूर्व महंतों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके आचरण में सुधार नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी गई, जिसके बाद नए महंतों की नियुक्ति की गई।

मंदिर विकास के लिए 1 करोड़ की घोषणा
अखाड़े की ओर से मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की गई है। इस धनराशि से महंत निवास का निर्माण, व्यवस्थाओं में सुधार और अन्य धार्मिक सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।
हटाए गए महंतों के आरोप
पूर्व महंतों ने प्रशासन को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि कुछ लोग मंदिर संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने बिना नोटिस कार्रवाई किए जाने का भी विरोध जताया है। हालांकि अखाड़ा प्रशासन ने इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई बताया है।
विवाद के बाद स्थिति सामान्य
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हुई और फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। श्रद्धालुओं की आवाजाही भी जारी है।
