rump sorsका जासूस निकला शी जिनपिंग का करीबी? चीन के टॉप जनरल पर अमेरिका को परमाणु डेटा लीक करने का आरोप
सोर्स ,
चीन की सत्ता और सेना के गलियारों में इस समय बड़ा भूचाल मचा हुआ है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे करीबी और ताकतवर माने जाने वाले दो आर्मी जनरल्स पर अमेरिका के लिए जासूसी करने और परमाणु हथियारों से जुड़ा गोपनीय डेटा लीक करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस सनसनीखेज खुलासे का दावा अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने किया है।
शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद जनरल्स पर शक

जिन दो जनरल्स पर आरोप लगे हैं, उनमें जांग यूशिया और ल्यू झेनली शामिल हैं। 75 वर्षीय जांग यूशिया चीन की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष हैं। इस आयोग के चेयरमैन खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं, यानी जांग यूशिया चीन में शक्ति के लिहाज़ से दूसरे नंबर का व्यक्ति माना जाता है। वहीं ल्यू झेनली भी CMC में चीफ ऑफ स्टाफ जैसे अहम पद पर रह चुके हैं।
परमाणु हथियारों का डेटा अमेरिका को लीक?
आरोप है कि इन दोनों जनरल्स ने चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा अत्यंत गोपनीय डेटा अमेरिका को सौंप दिया। इसके अलावा हथियारों की खरीद से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने, सैन्य पदों के बदले रिश्वत लेने और सेना के भीतर गुटबाजी फैलाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
तख्तापलट की साजिश का भी आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांग यूशिया पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तख्तापलट करने की साजिश रचने का भी आरोप है। हैरानी की बात यह है कि शी जिनपिंग और जांग यूशिया बचपन के दोस्त रहे हैं और दोनों के परिवार 1949 की चीनी क्रांति के दौरान एक साथ काम कर चुके हैं।
जांच कैसे शुरू हुई?
19 जनवरी को शी जिनपिंग ने चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन (CNNC) के पूर्व जनरल मैनेजर के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। इसी जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए, जिनकी कड़ी जांग यूशिया तक पहुंच गई। 24 जनवरी को चीन की सेना की एक हाई-लेवल मीटिंग में पहली बार इन आरोपों को उठाया गया, जिसके कुछ घंटों बाद रक्षा मंत्रालय ने जांच की पुष्टि कर दी।
2023 से अब तक 50 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए
चीन की सेना का आधिकारिक अखबार PLA Daily इसे सेना में चल रहा “क्लीन-अप कैंपेन” बता रहा है। वर्ष 2023 से अब तक 50 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हटाए जा चुके हैं या जांच के दायरे में हैं, जिनमें रक्षा मंत्री, एयरफोर्स, नेवी और मिसाइल फोर्स के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए व्यक्तिगत रूप से भी एक बड़ा झटका साबित होगा।
