यूपी में स्थायी DGP की तलाश तेज
करीब चार साल बाद उत्तर प्रदेश को स्थायी DGP मिलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दिल्ली में होने वाली UPSC की अहम बैठक में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाना है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Renuka Mishra के नाम की हो रही है।
रेणुका मिश्रा पहले भी DGP की रेस में चर्चा में रही थीं, लेकिन पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद उन्हें भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर उनका नाम सामने आने से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
कौन हैं IPS रेणुका मिश्रा?
रेणुका मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर की 1990 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं। उन्हें सख्त प्रशासनिक छवि और तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाना जाता है।
उनका जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका सपना पुलिस अधिकारी बनने का था। परिवार में अनुशासन और सेवा भावना का माहौल होने के कारण उन्होंने पुलिस सेवा को अपना करियर चुना।
उन्होंने कॉमर्स और इकोनॉमिक्स में बीकॉम करने के बाद पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन में एमए किया और फिर UPSC परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनीं।
पुलिस सेवा में लंबा अनुभव
रेणुका मिश्रा ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्हें 1994 में सीनियर स्केल मिला, 2005 में DIG और 2010 में IG बनाया गया। इसके बाद 2014 में ADG और 2021 में DG रैंक पर प्रमोशन मिला।
उन्होंने कानून-व्यवस्था, प्रशिक्षण और जांच एजेंसियों से जुड़े कई विभागों में काम किया। उन्हें SIT और ट्रेनिंग विभागों की भी जिम्मेदारी दी गई थी।
पेपर लीक विवाद से जुड़ा नाम
जून 2023 में रेणुका मिश्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। उसी दौरान यूपी पुलिस की बड़ी भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।
लेकिन भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद मामला राजनीतिक विवाद बन गया। विपक्ष ने सरकार और भर्ती बोर्ड पर सवाल उठाए। बढ़ते दबाव के बीच रेणुका मिश्रा को पद से हटा दिया गया और उनकी जगह Rajeev Krishna को जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके बाद से उन्हें कोई नई बड़ी पोस्टिंग नहीं मिली थी।
क्या यूपी को पहली महिला DGP मिलेगी?
अगर रेणुका मिश्रा को उत्तर प्रदेश का स्थायी DGP बनाया जाता है, तो वह राज्य की पहली महिला DGP बन जाएंगी। यही वजह है कि उनका नाम इस बार खास चर्चा में है।
हालांकि DGP की रेस में Piyush Anand और राजीव कृष्ण जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। राजीव कृष्ण फिलहाल कार्यवाहक DGP हैं और उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
चार साल बाद खत्म होगा इंतजार
मई 2022 में Mukul Goel के हटने के बाद से यूपी में स्थायी DGP की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। अब करीब चार साल बाद राज्य को नया स्थायी पुलिस प्रमुख मिलने जा रहा है।
ऐसे में रेणुका मिश्रा का नाम फिर चर्चा में आना यूपी पुलिस और प्रशासनिक हलकों में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
