पानी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान
Pakistan ने बढ़ती गर्मी के बीच पानी की समस्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच का रुख किया है। पाकिस्तान ने United Nations Security Council से अपील की है कि वह India पर दबाव बनाकर Indus Waters Treaty को बहाल कराए।

UNSC में उठाया गया मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने यह मुद्दा औपचारिक रूप से उठाया। उन्होंने उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का पत्र UNSC अध्यक्ष को सौंपते हुए मांग की कि भारत संधि के तहत डेटा साझा करना और सहयोग फिर से शुरू करे।
भारत ने क्यों किया था समझौता स्थगित
भारत ने पिछले साल Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को ‘स्थगित’ करने का फैसला लिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने सख्त संदेश देते हुए कहा था कि “खून और पानी साथ नहीं बह सकते”, यानी आतंकवाद जारी रहने पर सहयोग भी प्रभावित होगा।
पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है सिंधु जल
सिंधु जल संधि पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। Indus River, झेलम और चिनाब जैसी नदियों का पानी पाकिस्तान की कृषि, सिंचाई और बिजली उत्पादन की रीढ़ है। देश की बड़ी आबादी पीने के पानी के लिए भी इन्हीं नदियों पर निर्भर है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी की कमी पाकिस्तान के लिए गंभीर संकट बन सकती है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सिंधु जल संधि को लेकर गतिरोध बना रहा, तो यह न केवल दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करेगा, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा सकता है। वैश्विक समुदाय की नजरें अब इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं कि आगे क्या समाधान निकलता है।
