लखीमपुर खीरी दौरे पर बड़ी घोषणा

योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी दौरे पर रहेंगे, जहां वे बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों को भूमिधारी अधिकार पत्र सौंपेंगे। दशकों से जमीन पर रह रहे इन परिवारों को पहली बार आधिकारिक मालिकाना हक मिलेगा। राज्य सरकार के इस फैसले को विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दशकों से लंबित थी मांग
आजादी के बाद से ये परिवार पुनर्वास के तहत बसाए गए थे, लेकिन उन्हें भूमि का स्थायी स्वामित्व नहीं मिला था। अब सरकार की ओर से भूमिधारी अधिकार दिए जाने से इन परिवारों को कानूनी सुरक्षा और स्थायित्व मिलेगा। इससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
417 करोड़ की विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 417 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इन योजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इससे क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
थारू जनजाति को भी बड़ा लाभ
कार्यक्रम के दौरान पलिया क्षेत्र में थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भी भूमिधारी अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे। लंबे समय से भूमि अधिकार की मांग कर रहे इन परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार की संभावना है।
817 करोड़ की अतिरिक्त परियोजनाएं
मुख्यमंत्री पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला क्षेत्रों में लगभग 817 करोड़ रुपये की लागत से 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
पुनर्वास और सशक्तिकरण की पहल
राज्य सरकार के इस कदम को विस्थापित और वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। भूमिधारी अधिकार मिलने से परिवारों को आर्थिक स्थिरता और सामाजिक पहचान मिलने की उम्मीद है।
