उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए 15 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हो गए हैं। अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट यानी HSRP वाले वाहनों की प्रदूषण जांच (PUC) नहीं होगी। यह कदम सड़क सुरक्षा और वाहन पहचान को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
HSRP नहीं तो 15,000 रुपये का चालान
नए नियम के अनुसार, यदि किसी वाहन में HSRP नहीं लगी है और प्रदूषण जांच नहीं कराई गई है, तो वाहन मालिक को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
- PUC न होने पर: ₹10,000
- HSRP न होने पर: ₹5,000
यानी कुल ₹15,000 तक का चालान कट सकता है।
महानगरों में इस नियम को लागू कराने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की होगी, जबकि अन्य जिलों में परिवहन विभाग और पुलिस कार्रवाई करेंगे।
दो करोड़ वाहन अभी भी बिना HSRP
राज्य में एक अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत सभी वाहनों में HSRP अनिवार्य कर दी गई थी। लेकिन इससे पहले के तीन करोड़ से अधिक वाहनों में अभी भी करीब दो करोड़ वाहन ऐसे हैं, जिनमें यह नंबर प्लेट नहीं लगी है।
सरकार द्वारा कई बार अभियान चलाने और चालान करने के बावजूद लोग अभी भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
क्या है HSRP और क्यों जरूरी
HSRP यानी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एल्युमीनियम से बनी होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र होलोग्राम और यूनिक लेजर कोड होता है।
इस प्लेट में वाहन की पूरी जानकारी दर्ज होती है, जिससे चोरी या अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान आसानी से की जा सकती है।
ऐसे बनवाएं HSRP नंबर प्लेट
वाहन मालिक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए आसानी से HSRP लगवा सकते हैं।
- वेबसाइट: bookmyhsrp.com
- वाहन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर दर्ज करें
- नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का विकल्प चुनें
- ऑनलाइन फीस जमा करें
फीस:
- दोपहिया: लगभग ₹400
- चारपहिया: ₹1100 तक
मोबाइल नंबर अपडेट करना जरूरी
अब प्रदूषण जांच के लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है। वाहन खरीदते समय दर्ज मोबाइल नंबर पर OTP आता है।
यदि आपका नंबर बदल गया है, तो पहले उसे अपडेट कराना जरूरी है, तभी PUC सर्टिफिकेट बन सकेगा।
सरकार का मकसद
सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और प्रदूषण नियंत्रण को सख्ती से लागू करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अपराध नियंत्रण में भी मददगार साबित होगा।
