30 जुलाई से 12 अगस्त तक लागू रहेगा विशेष ट्रैफिक प्लान, कई मार्गों पर डायवर्जन और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
नई दिल्ली। सावन माह की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा 2026 भी शुरू हो गई है। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। 30 जुलाई से 12 अगस्त तक कई राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और प्रमुख सड़कों पर रूट डायवर्जन, प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है।
इन मार्गों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34), गाजियाबाद के कांवड़ मार्गों और कई प्रमुख सड़कों पर चरणबद्ध ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए हैं। भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है, जबकि कुछ मार्गों पर बाद में हल्के वाहनों का संचालन भी सीमित किया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहेगा खुला
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आम वाहनों के लिए खुला रहेगा। हालांकि इस एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट अवश्य देखें।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर विशेष व्यवस्था
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 30 जुलाई से डायवर्जन लागू कर दिया गया है। 7 अगस्त से 12 अगस्त तक उत्तर प्रदेश वाले हिस्से को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया जाएगा। इस अवधि में आम वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गाजियाबाद से हरिद्वार तक करीब 126 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग को कई सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है। हजारों पुलिसकर्मी, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, वॉच टावर और कंट्रोल रूम के जरिए पूरे मार्ग की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर टेंडर और रिकवरी वाहन भी तैनात किए गए हैं।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जहां तक संभव हो कांवड़ मार्गों से बचें, अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें। भीड़ की स्थिति के अनुसार रूट डायवर्जन में समय-समय पर बदलाव भी किया जा सकता है।
