लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ी घोषणा ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ की रही। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
किन छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली हर कॉलेज और विश्वविद्यालय की टॉप पांच मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी।
यह योजना प्रदेश के राजकीय, निजी, स्ववित्तपोषित और संबद्ध महाविद्यालयों की छात्राओं पर लागू होगी।
बीमा, रजिस्ट्रेशन और पेट्रोल का खर्च भी सरकार उठाएगी
सरकार केवल स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि वाहन का रजिस्ट्रेशन शुल्क, बीमा और 5 लीटर पेट्रोल का खर्च भी वहन करेगी। सभी स्कूटी की खरीद GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम है।
दिव्यांग और शहीद परिवार की बेटियों को विशेष प्राथमिकता
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि दिव्यांगजन, निराश्रित और शहीद परिवारों की मेधावी छात्राओं के लिए मेरिट की शर्त लागू नहीं होगी। इन छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा।
कैबिनेट में हुए कई अन्य बड़े फैसले
बैठक में प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल स्पर लिंक के अलाइनमेंट को मंजूरी।
- नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए संशोधित टेंडर दस्तावेज़ स्वीकृत।
- उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी।
- वाराणसी में आधुनिक महिला छात्रावास के निर्माण और वसंत महिला महाविद्यालय में नए छात्रावास भवन के निर्माण को स्वीकृति।
- विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ स्थापित करने का फैसला।
- उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये की मंजूरी।
- अग्निशमन विभाग के लिए नई वॉटर टेंडर और फोम टेंडर गाड़ियों की खरीद को हरी झंडी।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।
