देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया। खास बात यह है कि बीते पांच दिनों के भीतर यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले शुक्रवार को भी ईंधन की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिर स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई देता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, कच्चे तेल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसी वजह से तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं।
बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
महंगाई पर पड़ेगा बड़ा असर
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से सब्जियां, दूध, राशन और रोजमर्रा के अन्य सामान भी महंगे हो सकते हैं। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से बाजार में हर चीज की कीमत प्रभावित होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम जनता को महंगाई की डबल मार झेलनी पड़ सकती है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार की ओर से फिलहाल राहत की बात यह कही गई है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का भंडार उपलब्ध है। सरकार ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की है।
